Ek Kissan Ki Kahani

Ek Gao ke Kissan Ki Hindi Kahani

राजन नाम का एक किसान रामपुर गांव में रहता था, वह बहुत गरीब किसान था, उसके थोड़े बहुत खेत थे जिससे वह अपना और अपने घर का जीवको पार्जन करता था, खेत से फासले ले जाकर बाजार में बेचता अपर वह से खाद और बीज लाता था, और जो कुछ पैसे बचते थे उससे घर का सामान लाता था,लेकिन उसको खेत में सिचाई करने में काफी परेशानी होती थी, क्योकि वह खेत से काफी दूर एक तालाब से पानी घड़े में लाता था, फिर उस पानी को खेत में लेकर सिचाई करता था।
एक दिन वह फासले बेचने को बाजार गया वह से बीज लेने वाला था की उसकी नज़र एक बड़े घड़े पर पड़ी ,फिर उसने उस घड़े को दो ख़रीदा , फिर सिचाई के लिए उन दो नए घड़े को ले गया और पुराने घड़े को घर घर पर रख दिया, अब राजन को पानी के लिए जायदा समस्या नहीं होती थी , जितना की पहले पानी लेकर खेत में डालने में होती थी, इस से वह बहुत खुस हो गया की अब हमे परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।


एक बार की बात है जब पानी लेने के लिए राजन तालाब की तरफ जाने लगा तो रास्ते में ही एक लकड़ी का टुकड़ा लग जाने से एक घड़े का ऊपरी सिरा टूट गया जिसे से उसको पानी खेत में ले जाने में काफी ज्यादा समस्या होने लगी , परन्तु वह परेशान नहीं हुआ ; वह पानी लेने की लिए तालाब की पास जाता थ। वहा से वह उन दोनों घडो को तालाब में डूबा कर जितना पानी हो सके उतना लाता था, जो फूटा घड़ा था उसका पानी गिर जाता था, खेत पहुंचते -२ पानी काम हो जाता थ। और दूसरे घड़े में पानी वैसे रहता था, जैसे था।
इस पर अच्छा वाला घड़ा फूटे घड़े पर हस्ता था, की तू काम चोर है, देख हम मालिक का कितना काम करते है, और तू कुछ काम नहीं कर पता ह, जो पानी भी लाता है , वह भी आधा रास्ते में ही बहा देता ह। जिस से मालिक को काफी प्रॉब्लम होती है पानी लेन में ,और देख मुझे मालिक का कितना काम करता हु।
इस बात अच्छा घड़े की बात सुनकर फूटा घड़ा रोने लगा जब मालिक उसको लेने जा रहे थे पानी लेने तो वह बोला मालिक मुझे ना ले जाओ , मुझ से आधा पानी गिर जाता है, और अच्छा घड़ा हम पर हस्ता है, की मालिक का कोई काम सही से नहीं कर पता है तू,, इस बात को सुन कर राजन ने फूटे घड़े से कहा आज चलो मेरे साथ फिर हम तुमको सब बाते बताते है, उन दोनों घडो को राजन पानी लेने गया जैसे ही वह जा रहा था, उसने फूटे घड़े को बोला मेरी बात ध्यान से सुन न।


फिर उसने पानी भरा तालाब से रास्ते में जैसे फोटे घड़े से गिरा बोला की यहाँ देखो यहाँ पर हम ने फूल की पौधे लगा दिए है,दिस्से पानी पोधे पर गिरता है, फूटा घड़ा यह बात सुनकर काफी खुस हुआ, फिर जब आगे पानी गिरा तो राजन की कहा यहाँ देखो इस पोधे में फूल आ गया है , पानी फूल पर गिरा, फिर उन फूलो को बाजार में ले जाकर बेचने लगा , जिसे से यह बात सुन कर फूटा घड़ा बहुत खुश हुआ की मालिक का काफी काम हमरे द्वारा होता है।

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