Garib Ghar Ki Beti Hindi Kahani Part 1

Garib Ghar Ki Beti Hindi Kahani Part 1
गरीब घर की बेटी हिंदी कहानी पार्ट -१

सिद्धार्थ की माँ सिद्धार्थ की सादी किसी आमिर घर में करके ढेर सारा दहेज़ लेने की प्लानिंग बना रही थी। लेकिन एक दिन सिद्धार्थ अपने साथ शिल्पा को ले आया और अपनी माँ से बोला माँ मैंने शिल्पा से साडी कर ली है आज से ये ही तेरी बहु है। इस पर सिद्धार्थ की माँ बोली हां वो तो ठीक है बेटा लड़की दिखने में भी सुन्दर है लेकिन इसके पिता क्या करते है और क्या दहेज़ का सामान पीछे ट्रक में आ रहा है। सिद्धार्थ बोला नहीं माँ शिल्पा एक गरीब घर के लड़की है इसके माता – पिता ने इसे बहुत अछि शिक्षा दी है इसके माता – पिता के पास सादी करने के लिए पैसे नहीं थे और मैं इससे बहुत प्यार करता था इसलिए मैंने मंदिर में जाकर सादी का ली अब आप न माँ एक अच्छी सी पार्टी दे देना। उसपर माँ बोली अच्छी सी पार्टी दे देना पैसे कहा से आयंगे और हां मेरा घर कोई धर्म साला नहीं है की यहाँ फ्री में रहने खाने की ब्यवस्था हो जाये ,शिल्पा बोली कैसी बात कर रही है सासु माँ अब मैं इस घर की बहु हु अब तो सादी भी हो गयी अच्छा होगा की आप इस बात को मान कर अपना लीजिये। इतना कहकर शिल्पा अंदर चली जाती है …

तभी रीता की बेटी कोलेज से घर आ जाती है ,स्वेता माँ को परेशांन देखकर बोलती है क्या हुआ माँ इतनी परेशांन क्यों हो ,माँ बोली अरे तेरा भाई किसी गरीब घर की लड़की से सादी कर आया है और दहेज़ में कुछ भी नहीं लाया है अब तेरे दहेज़ का इंतिजाम कहा से होगा अब तेरी भी सादी दहेज़ के कारन एक गरीब घर में होगी। स्वेता माँ की बात सुनकर गुस्सा हो जाती है और बोलती है भाई ने सादी कर ली तो क्या हुआ मैं उसे दो दिन में घर से बहार भगा दूंगी।  शिल्पा रात में सभी घर वालो को खाना बना कर खिलाती है और किचेन साफ़ कर सोने जा रही होती है तभी उसे स्वेता रोक लेती है और बोलती है सुनो भाभी तुमने ये जी जेवर पहने है मुझे दे दो मैं माँ को दे दूंगी ताकि वो आगे हमरे लिए जेवर बनवा सके ,तभी शिल्पा बोली ये मेरे जेवर है मेरे पिता ने मुझे दिए है मेरी माँ ने एक -एक पैसे जोड़कर मेरे लिए बनवाये है मैं ये किसी को नहीं दूंगी। स्वेता बोली जायदा मत बोलो भाभी जितना मैं कहती हु उतना मान लो नहीं तो अंजाम बुरा होगा ,शिल्पा बोली होने दो बुरा मुझे फर्क नहीं पड़ता। दूसरे दिन शिल्पा का कमरे से जोर -जोर से रोने की आवाज आती है और वह कहती है अरे कोई तो मेरी सुनो मेरे सरे गहने चोरी हो गए अब मैं क्या करू हाय मैं तो लूट गयी …

Garib Ghar Ki Beti Hindi Kahani Part 1

उसकी आवाज सुनकर सिद्धार्थ वह आ जाता है और पूछता है अरे क्या हुआ शिल्पा क्यों रो रही हो ,इस पर शिल्पा कहती है मेरा सारा सोना मेरे सरे गहने सब चोरी हो गए देखिये जी रात में मैंने यही पर उतार कर यही रक्के थे सुबह उठी तो वहा नहीं थे ,सिद्धार्थ बोला लेकिन हमारा कमरा तो सबसे आखिरी में पड़ता है बहार से चोर के अंदर आने का सवाल ही नहीं उठता ,शिल्पा बोली चोर बहार का नाही अंदर का ही है जी तुम्हारी बहन मुझसे गहने मांग रही थी लेकिन मैंने नहीं दिए उसने मुझे धमकी भी दी थी की अंजाम बुरा होगा।  तभी बहार से स्वेता और रीता अंदर आ जाती है और स्वेता बोलती है वह भाभी वह यही शिखाया है आप की माँ ने आप को अभी एक दिन भी नहीं हुआ आये और भैया को भड़काने लगी हो हमारे खिलाफ ,सिद्धार्थ बोला नहीं स्वेता ऐसी बात नहीं है बस तुम ये बताओ क्या सच में तुमने कल रात शिल्पा से उसके गहने मांगे थे की नहीं स्वेता बोली नहीं भाई बिलकुल नहीं मैं क्या करुंगी इनके गहनों का मैं गहने पहनने को शौख नहीं रखती ,तभी सिद्धार्थ की माँ बोली अच्छा होगा की तुम शिल्पा से ही पूछ लो कही ये गहने अपने घर तो ही नहीं दे आयी …

और इल्जाम हमपर लगा रही है ,रीता की बात सुनकर सिद्दार्थ शिल्पा से कहता है – हमारे घर में कोई चोर नहीं है बेहतर होगा तुम्ही इधर – रधर देखो कही रखकर भूल गयी होगी और रीता और स्वेता वह से चली जाती है और बहार आकर रीता बोली एक तो दहेज़ में कुछ लेकर नहीं आयी और जो लायी उसे भी चोर के हवाले कर दिया स्वेता बोली रहने दो न माँ तुम क्यों अपना खून जला रही हो बुरे लोगो के साथ बुरा ही होता है अच्छा ही हुआ अब उसे पता चलेगा की गहने संभालना सबके बस की बात नहीं होती वही शिल्पा भी बेचारी कमरे में गहने ढूंढती है लेकिन उसे वो गहने कही नहीं मिलते है अचानक शिल्पा के सामने कुछ आता है और वह उसे देख कर खुश हो जाती है …..आगे पढ़े

 

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