Mata – Pita Ki Khoj Ek Hindi Kahani

Mata - Pita Ki Khoj Ek Hindi Kahani

शीर्षक- माता -पिता की खोज

राबर्ट एक चर्च स्कूल में पड़ता था, बचपन में उसके माता- पिता का एक कार दुर्घटना में मृत्यु हो गयी थी, जिसकी वजह से वह बहुत परेशान था , माता-पिता ने उसका नाम चर्च स्कूल में लिखवाया था, उसकी टीचर मदर क्यूरी उसको पढ़ाती थी, माता- पिता के होने पर राबर्ट बहुत उदास रहता था, जिसकी वजह से मदर क्यूरी उसको बहुत प्यार करती थी, जब सारे बच्चे खेलने जाए अगर वह न जाये तो मदर क्यूरी आकर उससे पूछती थी की बेटा राबर्ट क्या हुआ है, आप को क्यों खेलने नहीं गए, मदर क्यूरी जब खाना -कहती थी तब उसको साथ में खिलाती थी, और वे हॉस्टल में भी उसका काफी -देख भाल करती थी, एक बार बेटा राबर्ट अपने बीएड पर लेता था, तब मदर क्यूरी आयी ,बोली बेटा राबर्ट क्या हुआ है आप को ,फिर राबर्ट ने कहा मदर हमको अपने फादर , मदर की याद आ रही है वे कहा है मदर , मदर क्यूरी ने बड़े ही धीरे से बोला की बेटा वो गॉड के पास गये है, आप को मेरे पास छोड़ गये है, फिर बेटा राबर्ट बोला की मुझे क्यों नहीं ले गये, फिर मदर क्यूरी ने कहा की अभी आप छोटे हो, गॉड का घर यहाँ से काफी दूर है ।

अगले दिन राबर्ट हॉस्टल से निकला ,और बहार जाने लगा काफी देर हो गयी उसको भूख लगी कुछ खाने को भी नहीं दिखाई दिया ,फिर भी वह रुका नहीं ,फिर उसको एक दुकान दिखाई दिया ,उसने दुकानदार से कहा की अंकल मुझे भूख लगी है, मुझे अपने मदर -फादर से मिलना है, वो गॉड के पास है , दुकानदार को बच्चे पर दया आ गयी ,फिर दुकान दर ने कहा की बेटा जो आप को खाना हो वो आप खालो अंदर जाकर ,फिर बच्चा अंदर जाकर दुकान के खूब खाया ,फिर अंकल को थैंक यू कह के , फिर वह आगे बढ़ता गया , फिर रात हो गयी ,फिर वह एक पेड़ के पास लेट गया , फिर आगे बड़ा तो जंगल के आस-पास आ गया , फिर वहां पर अजीब तरह की आवाज सुनाई पड़ी, कुछ भेड़िये की आवाज ,फिर जंगल पार करने के आस-पास एक पेड़ के पास लेट गया ।

Mata - Pita Ki Khoj Ek Hindi Kahani

फिर वह सुबह उठा की सामने एक पेड़ पर एक छोटा टॉमी बंदर चीला रहा था,की मुझे बचाओ ,हम नीचे खाई में गिर जायेगे ,यह देख कर राबर्ट बोलै की टॉमी तुम चिंता न करो ,हम कोशिश करते है आप को बचने की , फिर उसने पेड़ से एक बावर तोडा ,पेड़ बरगद का था, और उसकी बावर बड़ी ही मजबूत थी, फिर उसने टॉमी को पकड़ने को कहा की टॉमी , इसको पकड़ो ,जब टॉमी ने बावर को पकड़ा तेजी दे फिर राबर्ट ने उस बावर की तेजी से खींच लिया ,फिर टॉमी बहार आ गया, फिर राबर्ट को टैंक यू बोला, फिर टॉमी ने राबर्ट से कहा की भाई तुम कहा जा रहे हो , फिर राबर्ट ने कहा की मैं अपने फादर -मदर के पास जा रहा हु वे गॉड के पास है, फिर टॉमी ने कहा की गॉड के यहाँ जाने का रास्ता पता है राबर्ट आप को , फिर राबर्ट बोला मेरे को तो नहीं पता है, टॉमी तुम को पता है, फिर टॉमी ने कहा की मेरे को नहीं पता है , शायद अंकल डिसूजा को पता हो, फिर राबर्ट बोला चलो फिर अंकल डिसूजा के पास।

फिर दोनों वह से चले जाते है अंकल डिसूजा एक जिराफ था, फिर दोनों डिसूजा अंकल के पास आते है, फिर टॉमी बोलता है, अंकल डिसूजा ये मेरे दोस्त राबर्ट है, राबर्ट ने मेरी जान बचाई , मैं पेड़ पर चढ़ गया था, पेड़ की एक टहनी से हम उतर नहीं पा रहे थे , उसके नीचे बहुत बड़ी खाई थी, फिर मेरा दोस्त राबर्ट आ गया उसने बरगद के पेड़ की बावर से मेरी जान बचाई, बावर को पकड़ कर मैं बहार आ गया ,राबर्ट बावर को खींच रहा था, फिर अंकल डिसूजा ने राबर्ट को थॅंक यू बोला , फिर टॉमी ने कहा की अंकल राबर्ट को अपने मदर -फादर से मिलना है, वो गॉड के पास है ,फिर राबर्ट ने कहा की अंकल गॉड के यह का रास्ता आप को पता है , फिर अंकल ने कहा की नहीं लेकिन सुना है लोग इस रास्ते से आते-जाते है। फिर राबर्ट उस रास्ते से गया , फिर कुछ दूर जाने के बाद एक अलग सा नजारा मिला ,खूब सारे पर्बत थे वहा पर फिर दिखाई दिया आसमान नीचे आया है, उसी में राबर्ट के माता – पिता भी आये है, फिर राबर्ट अपने फादर – मदर से मिल लेता है।

 

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*