We should stop others from making mistakes

We should stop others from making mistakes
शीर्षक  –गलती न करना ये सब को पता है,लेकिन करने वालो को रोकना ये किसी को नहीं पता —

एक गांव जिसका नाम केशव पुर था, वहा पर एक चन्दन नाम का व्यक्ति था, जो एक पानी- पूरी की दुकान लगता था, चंदन का गांव बड़ा ही अच्छा था, वहा के लोग बहुत अच्छे थे, सब एक दूसरे से अच्छी तरह से पेश आते थे, चन्दन के पास एक ठेला था, जिस पर वह पानी-पूरी के दुकान लगाता था, और पुरे गांव में बेचता था, लोग उसकी बहुत तारीफ करते थे, दिन में जितना पानी- पूरी लेकर बेचने जाता था, शाम होते-२ वह सारी पानी -पूरी बिक जाती थी । और लोग यही कहते थे, की अभी इधर से चंदन का ठेला जायेगा पानी-पूरी लेकर उसको खूब खाना है, जब दखते थे, तब तक सारी- पानी -पूरी बिक जाती थी , यह देख कर चन्दन अगले दिन और सारी पानी- पूरी ठेले पर रखता था, की आज और बाइक फिर सब बिक जाती थी, तब भी लोग यही कहते की अभी चन्दन का ठेला इधर से जायेगा उसके ठेले पर पानी-पूरी कहना है, ,चन्दन यहाँ तक की बहुत ईमानदार था, वह कभी भी मिलावटी सामना नहीं बेचता था, इसलिए लोग उसके दुकान पर ज्यादा खाते थे, और ज्यादा पसंद करते थे, उसका प्रचार पुरे गांव में हो गया था।

एक बार की बात है, चन्दन गांव से घर लौट रहा था, तो उसने देखा की गांव के कुछ बच्चे दौड़ रहे थे ,फिर उसने सोचा की अब क्या हो गया ,की कही कोई बात तो नहीं हो गयी ,वह परेशान हो गया, फिर उसने बच्चो के पास जाना का निश्चय किया , फिर ठेला घुमाकर उधर किया जिधर से बच्चे दौड़ कर आ रहे थे, फिर जैसे ही वह थोड़ी दूर पर चला , फिर उसने देखा की उसी के ठेले के पास एक शूट केश पड़ा है, फिर उसने सोचा इस शूट केश को जमींदार को दे दुगा वह इसको जिसका है उसको वहपस कर देगा ,वह सोचकर फिर शूट केश को घर लाया , उसने सारी बात अपनी पत्नी माया तो बताया कि आज ऐसी बात हो गयी ,फिर कहा कल इसको जमींदार को दे देंगे, उसके चले जाने के बाद माया शूट केश को खोलती है फिर देखती है उसमे कितना सोना-चांदी है ,फिर वह कहती है, कि हमलोग अब इसको जमींदार को नहीं देंगे, आप एक ठेले का दुकान करते हो, कितना मिलता है, इस से हम लोग अमीर हो जायेगे, चन्दन के मन करने के बावजूद वह नहीं मानती है ,फिर चन्दन कहता है,फिर तुम है जानो ,मुझे इससे को कोई मतलब नहीं है।

We should stop others from making mistakes

अगले दिन चन्दन फिर से पानी-पूरी कि दुकान ठेले पर रख कर गांव में बेचता है, इधर माया सोना-चांदी पाकर बड़े से मकान में रहने लगती है, फिर चन्दन भी उसी मकान में रहने लगता है, धीरे- २ माया बहुत सारे गहने भी बनवा लेती है,गाड़ी भी ले लेती है, जबकि चन्दन केवल पानी-पूरी का काम करता है, जब इसकी सूचना गांव वाले पाते है, कि चन्दन के पास इतना पैसा कहा से आया कि उसी पत्नी ने नए -२ जेवर , गाड़ी , मकान ले लिया ,जरूर कोई बात है , फिर कुछ दिन बाद जमींदार के पास एक औरत आती है, वह जमींदार से कहती है, कि जमींदार साहब हमारा शूट -केश में काफी सोना -चांदी था, जो कही गिर गया है, मुझे अपनी बेटी के शादी में देना है, और शादी के तैयारी के लिए ये सब रखे थे, आप इसकी खोज करे , कि ये कहा हो सकता है।

फिर गांव के लोगो से कहा जाता है, कि किसी के पास जाने-अनजाने में शूट-केश आ गया हो तो आप वापस कर दो ,एक औरत के है,उसकी बेटी कि शादी है,फिर ये बात चन्दन से पूछी जाती है, कि आप पानी-पूरी बेचकर इतना पैसा खः से कमाए ,फिर वह कुछ नहीं बोलता है, अगले दिन चन्दन और माया को जमींदार के पास बुलाया जाता है, कि आप ये इतना पैसा कहा से पाए कि ,इतने सामान आप खरीद लिए ,माया सोचती है कि कही चन्दन सही न बता दे तो उसने कहा कि ये पैसे चन्दन के पैसे है, जो बचा-बचा कर हम लोग यहाँ तक आ पहुंचे , ये किसी का पैसा नहीं है,माया के कुछ दूर चले जाने के बाद जब ये बात चन्दन से पूछी जाती है, तो वह सारी बात जमींदार को बता देता है, फिर चन्दन , शूट-केश और जो कुछ माया ने उसमे से निकाला था, सब कुछ लाकर जमींदार को दे देता है , जमींदार शूट-केश लाकर औरत को दे देता है, जिस से उसकी बेटी कि शादी बड़े धूम -धाम से होती है।

We should stop others from making mistakes

चन्दन की बात से कहता है जमींदार की तुम दंड के भागीदार हो , लेकिन उस से भी बड़ी बात तुम ने गलती करने से रोका है ,इसलिए हम तुम दोनों को माफ किया जाता है , फिर दोनों घर चले आते है, अगले दिन से फिर चन्दन पानी-पूरी की दुआकना लगाता है , दोनों ख़ुशी -पूर्वक रहने लगे।

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