awadh pur raja ke kahani in hindi

raja ke kahandi awadhpuriya raja

अवध पुर राज्य मे एक राजा कुबेर थे, जिनके पास काफी धन -सम्पदा थी, राज्य मे कुशल मगल था, सारी प्रजा बहुत ख़ुशी थी। कुछ दिन बाद राजा जी के एक पुत्र हुवा, राजा ने सारी प्रजा मे काफी दान किया। फिर एक पडित महराज को बुलाया और नाम करण्ड के लिए बोला ,पडित महराज ने बच्चे का नाम अर्जुन रखा, फिर राजा ने पडित महराज से कहा इसकी कुंडली क्या कहती थी है, फिर पडित महराज ने कहा राजन इसकी विवाह एक गरीब लड़की से होगा ,राजा ने यह बात सुनकर काफी नाराज हुआ, यह कैसे हो सकता है,एक मेरा पुत्र एक गरीब लड़की से सदी करे।
फिर उसने सब को आदेश दिया की राजकुमार को किले के बा हर नहीं जाने का आदेश दिया जायेगा ,सब ने कहा ठीक है राजन ऐसा ही होगा, और कहा उनके पास कोई गरीब लोग नहीं आएंगे। कुछ दिन बाद पर अर्जुन बड़े हुए तो उसने कहा की हमको बाहर जाना है,पर किसी सैनिक ने राजकुमार को जाने नहीं दिया ,फिर कुछ दिन बाद राजा का जन्मदिन आया ,सब गांव वालो को भोजन के लिए राजा के दरबार मे कहा गया की किसी के घर मे खाना नहीं बनेगा , सबको १० दिन तक राजा के यहाँ पर खाने के व्यवस्था होगी, सब खुश थे गांव से कुछ लोग को बुलाया गया खाने और मिठाई बनवाने के लिए दरबार मे, उसी मे एक लड़की जिसका नाम अनुराधा था,वह भी आयी,वह इसकी जिम्मेदारी राजकुमार को दी गयी थी।
जब राजकुमार खाना -मिठाई देखने आये कैसे बानी है,तो उसने अनुराधा के पास गया ,बोला की आप क्या बना रही है,अनुराधा ने कहा मिठाई राजकुमार फिर , फिर राजकुमार ने मिठाई चेक किया ,बोला आप बहुत अछि बनाये है , फिर राजकुमार बार -२ अनुराधा के पास आते है, इसकी सुचना राजा को पड़ी। फिर राजा का जन्मदिन आया खूब अछि तरह से मनाया गया ,उसके बाद अनुराधा राजकुमार से मिलने दरबार मे आती थी,दोनों मे प्रेम हो गया।
जब राजा ने यह बात सुनी तो उसने अनुराधा को रथ मे बैठा कर नदी के पास ले गया वह से धक्का दे दिया ,फिर राजा के जाने के बाद एक मछुवारा ने अनुराधा को अपने घर लाया ,वह बेहोश थी,कुछ दिन बाद होश आया तो ,मछुवारा ने सारी बात बताई ,फिर अनुराधा दरबार मे गयी राजकुमार से मिलने ,जब राजा ने देखा तो उसने राजकुमार और अनुराधा को नदी के पास ले गया ,फिर राजकुमार के अंगुली की अंगूठी निकाल कर नदी मे फेक दिया और बोला की अगर तुम राजकुमार से प्रेम करती हो तो इस अंगूठी को नदी से लेकर आयो और राजकुमार को पहना दो तो तुम्हारा विवाह राजकुमार से करवा दुगा ,फिर राजकुमार और राजा दरबार मे चले गए ,वह वही बैठी थी,थोड़ी देर मे वह मछुवारा के यहाँ गयी सारी बात बताई।
कुछ दिन बाद मछुवारा ने मछली पकड़ ने नदी पर गया ,मछली पकड़ कर घर लाया तो ,उसने अनुराधा ने कहा की बाबा आज मछली किए सब्जी खाने का मनहै, तो मछुवारे के कहा लो बेटी सब ले लो, तो उसने कहा की नहीं बाबा एक मछली की बनाये गए बाकि आप बाजार मे बेच दो,फिर मछुवारे ने कहा ठीक है,बेटी, जैसा कहो तुम, जैसे ही अनुराधा ने मछली काटा ,उसको उसके अंदर एक चमकीला पदार्थ दिखाई दिया तो देखा वह अंगूठी थी ,फिर उसने मछुवारे को दिखाया और फिर मछुवारे ने कहा जाओ बेटी राजा के दरबार मे ,फिर दरबार मे जाकर उसने राजकुमार को अंगूठी पहनाई ,फिर राजा ने राजकुमार के साथ राजा का विवाह कर दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *