pawan name ke keshan ke kahani

Pawan ke jewna ke story

पवन नाम का किसान रानीपुर गांव में रहता ,वह बहुत आलसी प्राकृत का वयक्त था, उसकी पत्नी का नाम रभा था, वह इसके इस प्रकार की आलसी जीवन से परेशान थी ,की अपने पति देव को कैसे समझाए , एक बार रभा खेत में काम करने गयी, सामने ही एक मंदिर था, जैसे ही वह खेत में काम कर रही थी। एक पास एक आदमी आया और मंदिर की सामने आकर बोलने लगा की इस मंदिर मेंहमें चोरी करना है, इसमें बहुत सरे सोने है, फिर उसने सोचा की आज रात में मंदिर में चोरी करुगा, फिर उसने सोचा की मंदिर में चोरी करने से पहले इस खेत को खरीद लू तो चोरी करने में आसानी हो जाएगी, इस से कोई जान भी नहीं पायेगा की हम ने मंदिर में चोरी किया है,।
फिर खेत में काम कर रही रभा की पास गया ,रभा खेत की गुड़ाई कर रही थी, चोर ने बोला की ये खेत आप का है, रभा ने कहा जी हमारा है, फिर उसने कहा की हम १००० हज़ार रूपया देंगे खेत ख़रीदे ने की लिए आप दे दो ,फिर रभा ने खा नहीं तो उसने २००० कहा फिर रभा ने कहा नहीं फिर उसने ३०० फिर ५००० बोला फिर रभा ने कहा ने सोचा की ये बार -२ इसका दाम बड़ा क्यों रहा है,कुछ तो बात है, फिर रभा ने कहा इस खेत में हमने खजाना छुपाया है, हम ये खेत नहीं देंगे, चोर बहुत खुस हुआ, कीये पागल औरत ने सब बता दिया अब मंदिर में चोरी करने से अच्छा है की खेत में चोरी कर ले, सब खजाना चुरा ले,
जैसे ही रात हुए चोर आया और सारा खेत खुद डाला खज़ाना नहीं मिला ,तो उसने कहा उस औरत में हमें पागल बनाया है,इसका बदला लेके रहुगा ,सुबह जैसे रभा आयी खेत में तो देखा सारा खेत खुदा पड़ा था, उसने सोचा कल वह चोर ही था, इसको तो सबक शिखया
अब समझ में आ जायेगा।
कुछ दिन बाद फिर वही चोर एक राहगीर बनकर आया , पवन के घर के पास आकर बोला भाई हमको यहाँ से काफी दूर जाना है आज रातआप के यहाँ रुकने के वयस्था हो जाए तो बहुत अच्छा होगा,फिर चोर को देखकर रभा उसको समझ गयी की यह चोर है, उसने बोला की भैय्या हम लोग आज बाहर जा रहे है एक रिस्तेदार के यहाँ आपको बाहर ही रहना होगा,अंदर दीवाल में हमने खजाना छुपा के रखा है इसलिए बाहर से बंद करके जायेगे। चोर यह बात सुनकर बहुत खुश हुवा ,फिर उसने कहा ठीक है, फिर रात में उसने घर के अंदर जा कर दीवालो को तोड़ने लगा ,लकिन खजाना नहीं मिला, इस से वह गुस्स्सा हो गया ,फिर उसने सोचा यह लोग हमको पागल बनाये,
फिर वह वह से चल दिया।
जब पवन और रभा घर आये तो दोनों के देखा की घर दीवाल टूटी हुई ,फिर पवन के कहा के जरूर कोई आयाहै यहाँ पर
तब रभा के चोर के सारी बात बताई फिर दोनों हसे , फिर रभा ने कहा की हमे तो घर भी बनवाना है,एक लेबर के जरुरत पड़ती दीवाल तोड़ने के लिए चोर ने यह काम कर डाला। लेबर नहीं रखना पड़ेगा।
फिर कुछ दिन बाद चोर एक कॉस्मेटिक का सामान लेकर आया बोला आप लोग ये सामान ले लो बहुत ही सस्ता है, फिर रभा ने बोला आज इसको समझाना पड़ेगा ,रभा ने अपने सहेलियों को बुलाया सारी बात बताई फिर सब ने कहा हम सामान ले ले लेकिन हम ने अपना सारा खजाना बरगद के पेड़ के पास जंगल के छुपाया है, फिर चोर वहाँ से भागा सामान छोड़कर की अब तो मै खज़ाना लेकर ही भागा जाउगा फिर वहाँ पर मौजूद सारी सहेलिया रभा की हसने लगी, बोली चोर तो बड़ा ही मुर्ख है।

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